राष्ट्रपति से शिकायत कैसे करे | Sachivalaya Mobile No, Email Address

How to Complaint to President Shri Ramnath Singh Kovind Ji. Fill Online Form for Complaint to Rashtrapati Sachivalaya in India.

राष्ट्रपति से शिकायत कैसे करे

दोस्तों जैसा की हमने अपनी पिछली पोस्ट “पीएम से शिकायत कैसे करें” में आपको बताया था की आज कल सब कुछ भारत में डिजिटल होता जा रहा है। पहले के ज़माने में लोगो को अपनी बात दुसरो तक पहुंचने में बहुत समस्या होती थी। प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति से बात करना तो दूर संपर्क होना भी बहुत बड़ी बात थी। लेकिन आज के इस युग में आप सब जानते ही हो की अब भारत को डिजिटल इंडिया बनाने की मुहीम चल रही है और यह धीरे धीरे नहीं बल्कि बहुत ही तेज़ी से हो रही है। लोग अब सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपनी बात किसी भी अधिकारी, किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री यहां तक की प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति तक भी पंहुचा देते है। How to Write a Complaint Letter to the President of India.

How to Complaint President Ramnath Singh Kovind
How to Complaint President Ramnath Singh Kovind

राष्ट्रपति सचिवालय कांटेक्ट हेल्पलाइन नंबर

लोगो को राष्ट्रपति सचिवालय से संपर्क करने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े इसलिए वर्ष 2007 से 2012 तक बनी रही इंडिया की प्रेसिडेंट प्रतिभा पाटिल ने अपने कार्यकाल में राष्ट्रपति सचिवालय से सीधा संपर्क करने के लिए ऑनलाइन सेवा शुरुआत की थी। इस सेवा को शुरू करने के बाद लोगो के लिए राष्ट्रपति तक अपनी बात पहुंचाने में बहुत आसानी हो गयी है। दोस्तों आज हम आपको चरणों के अनुसार बतायंगे की आप किस तरह ऑनलाइन आवेदन पत्र को भरकर राष्ट्रपति श्री रामनाथ सिंह कोविन्द जी तक अपनी बात तथा शिकायत को पंहुचा सकते है।

हम आपको यह पर यह भी बता देना चाहते है की भारत के सबसे पहले राष्ट्रपति श्री राजेंद्र प्रसाद जी को चुना गया था जिन्होंने अपना कार्यकाल वर्ष 1950 से लेकर वर्ष 1962 यानि 12 साल में पूरा किया था। यह एक जनरल नॉलेज का प्रश्न भी है जो आपके कभी भी कही भी काम आ सकता है।

राष्ट्रपति से शिकायत कैसे करे के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र कैसे भरे

  • पाठको आपको सबसे पहले हमारे द्वारा निचे दी गयी लिंक पर क्लिक करके एक नया पेज ओपन करना होगा।
  • राष्ट्रपति सचिवालय की आधिकारिक वेबसाइट को आप हिंदी या अंग्रेजी दोनों में से किसी भी भाषा में देख सकते है तथा ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते है।
  • वेबसाइट को ओपन करने के बाद आपको Lodge a Request या अनुरोध दर्ज करें पर क्लिक करना होगा।
  • अब आपको अपनी स्क्रीन पर एक नया पेज दिखाई देगा जिसमे एक फॉर्म भरने के लिए आपके सामने होगा। जिसका स्क्रीनशॉट ऊपर दिया गया है।
  • अब आप पूरा नाम, पासवर्ड, सही सही पूरा पता, पिनकोड, देश का नाम, राज्य का नाम, टेलीफोन, मोबाइल नंबर और ईमेल एड्रेस भरना होगा।
  • ध्यान रहे शिकायत से सम्बंधित किसी भी तरह की अपडेट के लिए राष्ट्रपति सचिवालय ऑफिस आपको ईमेल तथा मोबाइल नंबर के माध्यम से ही संपर्क करेगा इसलिए अपना मोबाइल नंबर और ईमेल एड्रेस सही सही भरे।
  • अब आप निचे दिए गए बॉक्स में अपनी शिकायत को विस्तारपूर्वक लिख दीजिये जिसकी अधिकतम अक्षरों की संख्या 4000 होगी।
  • यदि आपके पास कोई पीडीऍफ़ है तो आप अपलोड कर सकते है अन्यथा ज़रूरी नहीं है। इसके बाद आप निचे दिए गए कैप्चा कोड को भरकर सबमिट बटन पर क्लिक करके पत्र जमा दीजिये।
  • हम आपको निचे एक लिंक दे रहे है जिसके माध्यम से आप अपनी शिकायत संख्या दर्ज करके स्टेटस भी जाँच सकते है।

Important Links

President Secretariat Address

Shri Ashok Kumar

Under Secretary (Petition) President’s Secretariat Rashtrapati Bhavan

New Delhi – 110 004

E-Mail Id: us.petitions@rb.nic.in

Phone: 011 23015321

19 thoughts on “राष्ट्रपति से शिकायत कैसे करे | Sachivalaya Mobile No, Email Address”

  1. राष्टीयपति महोदय
    निवेदन हैं कि पैसा ब्याज पर लिया और मकान बेचने की लिखा पढ़ी करा कर अब प्रताड़ित किया जा रहा है इतना परिवार को मानसिक प्रताड़ित कर रहे हैं कि आत्महत्या मै परिवार के करना पड़ेगा

    Reply
  2. Per,
    The president of India
    From New Delhi

    Officer Registrar General High Court Jabalpur (Madhya Pradesh)
    Date : 04/03/2022

    Subject: Complaint regarding disobeying circular order of Madhya Pradesh Government (General Administration Department) for disabled people in class IV recruitment in District Court

    References 1. Order of General Administration Department Circular No. F 8 / 4 / 2001 / Apr / A (Part) Bhopal Dated 03/07/2018

    2. High Court of Madhya Pradesh Jabalpur Advertisement No. 120/Exam/21 Dated 26/10/2021

    For : Shubham Tak (Deaf Deaf) Ward No. 03 Kandera Gali Narsinghgarh, Rajgarh Madhya Pradesh 465669

    Sir ,
    In the above subject it is requested that I am Shubham Tak, a deaf and dumb person. I had applied for the deaf and deaf quota on the post of mortgagor / aerator / watchman in the recruitment of salaried employees (driver / mortal / aerator / watchman / gardener and sweeper) in the District and Sessions Court, Bhopal. For this I was called for interview on 5th February 2022 in District and Sessions Court Bhopal. There was no sign language teacher or expert person who could understand the language of our people. I was asked to speak by mouth but missed: I am deaf, so could not speak. I think that people with disabilities who have a high percentage of disability are being ignored. /2001/Apr/A (Part) Bhopal dated 03/07/2018, it is mentioned in para 4 of page number 2 that people with disabilities who have more disability should be given priority in appointment. Please kindly see para 4. 4. It has often been seen that the persons with disabilities whose percentage of disability is less, they are being given reservation (appointment) in government service. Persons with disabilities, whose percentage of disability is high, are not being given appointment in government service. This action is contrary to the intention of the provision mentioned in the Rights of Persons with Disabilities Rules 2017. Therefore, priority should be given to persons with disabilities who have more disability. A photocopy of the above circular order is attached for reference. I am a 100 percent deaf and deaf person. In this way, completely deaf and deaf persons like me should not be given priority in the selection despite the above order Article 14, 15, of the Constitution of India. 16 (rights to equality) Fundamental rights are being violated and the disabled person is neglected. I request you to kindly take appropriate equitable action in this regard and please give priority in appointment to the disabled persons whose percentage of disability is high. You are requested that if there is any hearing regarding this case, please kindly conduct virtual hearing. We are unemployed, deaf and deaf people, in such a situation, we will not be able to bear the cost of going to your court, so hearing on zoom or any other online Please do through the mode. Online hearing has been taking place in Hon’ble Supreme Court and Chief Commissioner of Disabled as well. Attached : As above ( Advertisement, photocopy of interview call letter circular, 100% disability certificate)

    Applicant
    shubham tak

    Shubham Tak (Deaf Dumb)
    Ward No 03 Kandera Gali
    Narsinghgarh,
    Rajgarh Madhya Pradesh
    465669

    Reply
  3. सर , में गरीब लगातार 19 साल से डाक विभाग के धोखेबाज अधिकारियों के कारण भारी मानसिक तनाव में हूं !
    डाक विभाग के धोखेबाज अधिकारियों द्वारा 19 साल से बार बार विभागीय पद कार्य विवादित मामला 26/98/2004 से 22/02/2005 तक के लिये शिकायतो पर सच्चाई को छिपाकर झूठी जवाबी रिपोर्ट बनाकर गुमराह किया जा रहा है !

    Reply
  4. मान्यवर , मैं गरीब डाक विभाग के धोखेबाज अधिकारियों द्वारा 19 साल से भारी मानसिक तनाव में हूं !
    लगातार दिसम्बर 2020 से कई बार मैंने आपको इच्छा मृत्यू का निवेदन भी सम्पूर्ण शिकायत के साथ भी किया गया था !
    डाक विभाग के धोकेबाज अधिकारी लगातार 19 साल से विभागीय पद कार्य विवादित मामला 25/08/2004 से 22/02/2005 के लिये बार बार झूठी जवाबी रिपोर्ट बनाकर आपके कार्यालय और माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यालय को भेज रहे हैं !

    डाक विभाग का धोखेबाज अधिकारी गोविन्द वैष्णव की भरपुर ताकत नई दिल्ली तक बोन से मुझ गरीब को न्याय नही मिल रहा है !

    Reply
  5. श्रीमानजी, प्रार्थी ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हाई कोर्ट इलाहाबाद में दिनांक 20-8-2019 को एक जनहित याचिका मय कोर्ट फीस एवं समस्त तथ्यों के साथ पंजीकृत डाक से भेजी थी जिसे दिनांक 22-10-2019 को PIL Cell के अधिकारियों ने बिना पढ़े ही Dropped कर दिया जिसकी शिकायत भी सुप्रीम कोर्ट में की थी जिसका Dairy Number 56201/SCI/PIL(E)/2019 है। उक्त शिकायत का निस्तारण न होने के संबंध में पुनः पत्र एवं Email भेजा लेकिन आज तक किसी का भी समाधान नही किया।

    प्रार्थी ने उत्तर प्रदेश राज्य में मौलिक अधिकारों से वंचित अहेरिया जाति के संबंध में अनेक जनहित याचिका प्रार्थना पत्र अलग-अलग विषयों आदि (जैसे-1- विमुक्त अहेरिया जाति का प्रकरण साक्ष्यों सहित, 2- शासनादेश में अंकित अहेरिया को बिना आदेश किये ही निकाने जाने के संबंध में, 3- भारतीय जनगणना,1951 के पृष्ठ संख्या 424 पर विवरण देकर राज्य की सूची से अहेरिया जाति के निकलने के संबंध में, 4-वर्ष 1950 से उत्तर प्रदेश में अहेरिया जाति का क्या Status है?,5- सुप्रीम कोर्ट में हिंदी भाषा में जनहित याचित दायर करने की अनुमति मगे जाने के संबंध में) भेजे थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट के अधिकारियों ने उक्त सभी याचिकाओं के संबंध एक ही बात लिख दी कि Complaint are not covered PIL Guidelines.

    श्रीमानजी, उत्तर प्रदेश राज्य में शिक्षा प्राप्त करने के लिए अहेरिया जाति के लोगों को सामुदायिक उपश्रेणी (ST, SC, OBC, General) चुनने का मौलिक अधिकार होता है लेकिन अहेरिया जाति के लोगों का दुर्भाग्य हसि कि वह किसी भी केटेगरी में नही आते?
    इसी तरह अहेरिया जाति के लोग केटेगरी न होने के कारण हर सरकार की योजना से वंचित रह जाते है?
    क्या अहेरिया जाति के लोग भारतीय नही है? अगर अहेरिया जाति के लोग भारतीय है तो उत्तर प्रदेश राज्य में अहेरिया जाति को संविधानिक व्यवस्था के अनुसार किस केटेगरी (sc, st, obc, general) में सूचीबध्द किया है?

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  6. श्रीमानजी, भारत सरकार के शासनादेश दिनांक 15 अप्रेल, 1950 (पूर्व शासनादेश दिनांक 30 अप्रेल, 1936) में उत्तर प्रदेश राज्य की अनुसूचित जाति की सूची में क्रमांक 2 आप अंकित अहेरिया जाति को 3 माह 26 दिन बाद जारी किए गए शासनादेश दिनांक 11-08-1950 में उत्तर प्रदेश राज्य की अनुचित जाति की सूची से बिना संवैधानिक संसोधन किये एवं विना संवैधानिक प्रावधानों को अपनाए बिना ही उत्तर प्रदेश राज्य की अनुसूचित जाति की सूची से अहेरिया जाति को निकाल दिया था ?
    वर्ष 1950 से लेकर वर्तमान समय यानी 2021 तक उत्तर प्रदेश राज्य में अहेरिया जाति का क्या Status है? न तो भारत सरकार के अधिकारी बता रहे है और नही उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारी।

    भारत सरकार के मनुवादी अधिकारीगण 1950 से ही अहेरिया जाति के लाखों लोगों को मौलिक अधिकारों से वंचित कर रखा है!

    भारत सरकार के अधिकारीगण वर्ष 1950 से ही अहेरिया जाति के संबंध में सही तथ्यों को छिपाते हुए गलत सूचनाओ को प्रेषित करते आ रहे है!

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  7. माननीय राष्ट्रपति महोदय मेरे बाबा हवलदार छिददासिग आर्मी में थे आर्मी नंबर 46 84 है रैंक हबलदार बे प्रथम युध्द के

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  8. नमस्ते सर 31 जुलाई को मेरा एक्सीडेंट हुआ था जिसमें सर मैंने कंप्लेंट की थी मेरी कंप्लेंट लिखी नहीं गई है और सामने वाली पार्टी

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